RAAGDEVRAN
POEMS BY MANOJ KAYAL
Monday, September 5, 2011
बेताब
आज दिल तुमसे बातें करने को बेताब है
अफ़सोस मगर तू सितारों के पास है
ख्वाईस फिर अधूरी है
मगर यादें अब भी दिल के पास है
दूर हो तो क्या
इन आँखों को अब तलक बस तेरी ही चाह है
No comments:
Post a Comment
‹
›
Home
View web version
No comments:
Post a Comment