Saturday, April 18, 2026

पारिजात

अक्सर आधी चाँदनी रातों को बाहें फैला आसमाँ से बातें करता हूँ l

कहानी उसके गजरे खुशबु की पारिजात को सुनाया करता हूँ ll


ललाट पर बिंदी की वो मोहर गालों की रुखसार बताया करता हूँ l

बालियों की धड़कनों से उसकी लहराती केश लट्टे उलझाया करता हूँ ll


नमी उसके आँखों की अपने काजल से पलकों बंद कर लेता हूँ l

डोरी उसके दिल पतंगों की दूसरी मांझे पेंचो से बचाया करता हूँ ll


तारूफ सुन उस चाँद की पता पूछने लगा आसमाँ चाँद भी l

कहा ठहर कोरी कल्पना नहीं घूंघट हटा दिख जायेगा पास अभी Il


तूने इत्र सा महकाया आँचल छोर बना राधा प्रेयसी रूप जिसका l

ये चाँदनी सहेली पता ना पूछ उस पागल चितचोर दिल तरन्नुम का ll

Wednesday, April 8, 2026

अलमारी यादों की

हृदय वात्सल्य स्पन्दन बादलों कश्ती सवार क़ुरबत खोजे तेरे पहलू पास l

एहसास बंदगी आरज़ू फलसफा भूली देख फरिश्तें आयतें गहराई साथ ll


खामोश गुजारिशें अल्फाजें आफताब जुस्तजू हसरतों मेहंदी रातों की बात l

मासूम स्वप्निल इश्क मुख्तसर क़ासिद भेजे ताज महल सी फरियादी आस ll


गुस्ताखियां नाजुक लबों खोई कोई कमसिन सुनहरी जादुई आवाज l

मुन्तजिर तलाश रही फासलों रुकी हर लहजे सुकून भरी वसल आगाज ll


दिवास्वप्न सरगोशी सी गूँजती मेघ मल्हारों तरुणी सोंधी सोंधी तरंग मुस्कान l

कई खतों पैगाम बादलों ने लिख भेजे आगोश सितारों आरज़ू माहताब नाम ll


अलमारी यादों की गुफ़्तगू करती लकीरें हाथों फकत रहनुमों बरसातों साथ l

रिवायतें साहिलों की तोहफा नजराना दे आयी तेरे पाकीजा नूर अंदाजों साथ ll

Tuesday, March 10, 2026

नीलामी

कल बाजार वो मुर्दों का श्मशान सटोरियों को नीलामी बेच आया l

मजमा लगा कब्जे का कब्र खोद चिताओं का आसमाँ बेच आया ll


बेख्याली काफिर नींदों दुनिया को ख्वाबों खिलोनों रूप दे आया l

शून्य मझधार कठपुतली स्वाँग रचा दर्पण प्रतिबिंब रूप दे आया ll


खुशबु चंदन सजा भस्म चिताओं सौदा आकंठ लालच से कर आया l

हुनर जौहरीयों को टूटे आईने स्वप्निल चमकता इश्तहार बेच आया ll


अनुबंध टूटा जो साँसों से बंजारी धड़कनों को दफन कर आया l

ख्यालों अह्सास परे जिंदा मुर्दों को मुर्दों का श्मशान बेच आया ll


हर पायदान कहानी नई बुन ठगों बीच सूनी सी पदचाप छाप छोड़ आया l

आहट द्वारे मोक्ष कांपते हाथों रूहों तिलांजलि दे अशर्फीयाँ खरीद लाया ll

Wednesday, February 4, 2026

पीताम्बरी

गोधूलि साँझ रिमझिम ओस लटों सेज क्षितिज धरा बेलों लाली से l
मिट्टी धागों कायनात निखर आयी थी बुनकर चरखे सायों स्याही से ll


कोरे सादे कागज मिथ्या सत्य सी खोई थी परछाई कपोल नजारों से l
इशारों महकी उल्फतों ने लिख डाली सौगात आयतें महताब लाली से ll


झूम उठीं कठपुतली पीताम्बरी रिमझिम रंगीन बदरी बरसातों से l
फिसलती अंगुलिया अंगड़ाई काश्तकारी ने पायदान रंगी रूहानी से ll


जुस्तजू रूह बँधी थी जिन पतंगे पेंच गजलों बाज निगाह कहानी बंदगी से l
जिक्र उस आरज़ू सहर बदनाम हो गयी दीवारों की कानाफूसी गुफ़्तगू से ll


मेघों हिलोरी आतिशबाजी से कूची रंग भर गयी आसमाँ कला बाजी से l
इन कड़ियां अठखेलियों से कहानी एक नयी पपोल आयी पीपल पीछे से ll

Saturday, January 17, 2026

ll धैर्य ll

हौसला रख संघर्ष कर हर कदम अपने आप से l
थकना नहीं रुकना नहीं हार कभी नियति सामने ll


कर नजरअंदाज अपूर्णता थाम निपुणता कला हाथ में l
लक्ष्य मंजिल दूर हो के भी दूर नहीं रख ज़ज्बा साथ में ll


बदल लकीरें हाथों की रेखाएं मस्तिष्क ललाट की l
विधि विधमान विराजेगी बदल तकदीर ज्वार में lI


अर्पण होगा जीवन जब सीखने खुद की खामियों पास में l
लक्ष्य हिमालय बेंध जायेगा अर्जुन सरीखे प्रतिबिंब छांव से lI


अमूल्य हैं समय कोई दूजा तेरी साँसों वरदान सा तुल्य नहीं l
अंधेरे कभी डरना नहीं मिलेगी विजय विचलित तू कभी होना नहीं ll


विचलित तू कभी होना नहीं, विचलित तू कभी होना नहीं ll